उदासी में छिपा है डिप्रेशन: अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे

आप अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति कितना सचेत है ?यदि नहीं है ,अब सही समय आ गया है क्यों की मानसिक स्वास्थ्य का ठीक न रहना हमारें शरीर में गंभीर बीमारियाँ पैदा कर रहा है| आपको जब बुखार हो या सर दर्द या कोई ऐसी शारीरिक बीमारी होती है तो भाग कर हम डॉक्टर के पास जाते है लेकिन हम यह भूल जाते है की शरीर की तरह हमारा मन भी बीमार होता है लेकिन हम जागरूकता के अभाव में इसके लक्षणों को पहचान नहीं पातें| जिसके कारण दिन प्रतिदीन मनोविज्ञानिको की संख्या बढती जा रही है | यदि आपको व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दे to तुरंत ही  उसे क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाएं। जानिए क्या है वो लक्षण..

चलिए बीमार न होने दें मन को, अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो जाए

 शक की सुई – यदि किसी व्यक्ति को लगतार शक करने की आदत होती है तो उसे शक्की कहते है| ऐसे लोगो के मन में हमेशा भ्रम रहता है की इनकी कोई  हमेशा चुगली कर रहा है या इनके खिलाफ कोई साजिश रच रहा है या इनका कोई पीछा कर रहा है| इस भ्रम को धीरे धीरे यह सच मानने लगते है और यह लोग अपने पार्टनर पर शक करने लगते है| अगर किसी व्यक्ति में  ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे है तो इनको आगे जाकर स्क्रिज़ोफेनिया हो सकता है| ऐसे में परिवार वालों की ज़िम्मेदारी बनती है की उस व्यक्ति को जल्द ही जल्द मनोचिकित्सक को दिखाए|

 चिंता है सेहत की दुश्मन – लगातार चिंता की मन:स्थिति में बने रहने से व्यक्ति की कार्यक्षमता घटने लगती है और व्यक्ति के मन में उदासनीता आने लगती है|और जब यह चिंता व्यक्ति का स्थायी भाव बन जाए तो एंग्ज़ाइटी डिसॉर्डर का रूप ले लेती है| इस स्थिति में लोगो को किसी भी बार पर चिंता होने लगती है अगर इस और से गुजर रहा है तो जल्द ही मनोचिकित्सक को दिखाए|

 फोबिया-  कुछ लोगो को उचाई और पानी जैसी चीजों से डर लगता है जिसे फोबिया का नाम दिया गया | ऐसे लोगो किसी भी सामाजिक समारोह में जाने से डरते है| ऐसे लोग हमेशा उन चीजों से दूर रहते है जिनसे इन्हें डर लगता है| यह दवाओं और काउंसलिंग से यह समस्या दूर हो जाती है।

अगर आप ऐसे किसी भी दौर से गुजर रहे है तो मनोचिकित्सक को दिखाए|

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