कल्पनाओं से भी ऊंची थी ‘कल्पना’ की उड़ान, दुनिया के लिए बन गई मिसाल

 देश की जाबांज बेटी जो एक छोटे से शहर से निकलकर पहुंची NASA और दुनिया के लिए मिसाल बन गई. कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को हरियाणा के शहर करनाल में हुआ था| घर में उन्हें “मोटू” के नाम से पुकारा जाता था| ३ साल की उम्र में इस छोटी से बच्ची ने अपना नाम खुद ही तय किया था “कल्पना”. कल्पना चावला अन्तरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला थी| 1995 मं कल्पना का चयन बतौर अन्तरिक्ष यात्री किया गया और इन्होने फ़्रांसिसी व्यक्ति जीन पियर से शादी की थी|

पहली अन्तरिक्ष यात्रा

कल्पना चावला की पहली अन्तरिक्ष यात्रा एस.टी.एस-87 कोलंबिया स्पेस शटल से आरम्भ हुई जिसकी अवधि 19 नवम्बर से 5 दिसम्बर 1997 तक थी | कल्पना की दूसरी और अंतिम उड़ान 16 जनवरी 2003 को कोलंबिया स्पेस शटल से आरम्भ हुए थी|वापसी के समय 1 फरवरी 2003 को शटल दुर्घटनाग्रस्त हो गया इसमें कल्पना समेत 6 अन्तरिक्षयात्रियों की मौत हो गई| शायद वक्त को कुछ और ही मंजूर था कल्पना वापस नहीं आई| इस यात्रा के दौरान कल्पना और उनके सहयोगियों ने मिलकर 8० परीक्षण और प्रयोग किए|

कल्पना चावला आज हमारें बीच नहीं रही पर वह दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुकी है| आज हजारों लड़कियां उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रही है| कल्पना तो चली गई पर छोड़ गई अपनी हजारों कल्पनाए जो आज युवा को प्रेरित कर रही है|

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