Nauroti Devi- Sarpanch of the Village

नौरोती देवी ने अपनी जिद और जागरूकता से बदली अपनी तकदीर

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित किशनगढ़ तहसील के हरमादा गांव की नौरोती देवी निरक्षर थी| वह बेहद  गरीब परिवार से थी जहां उन्हें  2 वक़्त की रोटी का इंतजाम करना मुश्किल हो जाता था|नौरोती देवी  ने अपने भरण  पोषण के लिए सड़क निर्माण के लिए पत्थर तोड़ने  का काम करती थी|

जब नौरोती देवी ने देखा की सड़क निर्माण में लगे हुए मजदूरों को उनके काम के अनुसार मजदूरी नहीं मिलती है तो उन्होंने अपने साथ सारे मजदूरों को इकट्ठा करके जो सड़क निर्माण में लगे थे, ठेकेदारों  के खिलाफ आवाज उठाई. इस ढृढ़निश्चय और हिम्मत को देखते  हुए उनके साथ एक  NGO भी जुड़  गई | उनका यह  मामला  सुप्रीम  कोर्ट तक  पंहुचा और अन्याय के खिलाफ लड़ी और बाद में फैसला भी नौरोती देवी के हक़ में हुआ|

इसके बाद सड़क निर्माण में लगे मजदूरों को पूरी मजदूरी मिलने लगी| अक्सर आपको ऐसे लोग देखने को मिल जायेंगे जो अन्याय के तले दबे हुए है वह आवाज नहीं उठाते| डरे हुए रहते है और अपनी जिंदगी घुट घुट कर जीते है | अक्सर  हम महिलाओं  की स्थिति ऐसी ज्यादा पाएंगे कई बार वह योन शोषण का भी शिकार हो जाती है लेकिन नौरोती देवी की  इस  जीत से दूसरे मजदूरों  का भी  हौसला बढ़ा और उन्होंने अपने हक़ के लिए  लड़ना शुरू किया |

हमारे समाज  में आज  भी नौरोती देवी जैसे महिलाएं है जो अन्याय  के खिलाफ आवाज उठती  है और पूरा  न्याय  पाने  के लिए लड़ती है | अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, संघर्ष किया और अपना हक़  पाकर ही दम लिया | उन्होंने यह महसूस किया कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष  के लिए शिक्षा  एक उपयोगी शस्त्र  है| उन्होंने अपने गांव से काफी दूर एक प्रौढ़ कार्यकर्म शिक्षा में दाखिला लिया  | उन्होंने काफी मेहनत की और काफी लगन से पढ़ने लग गई और जल्द ही वह पढ़ना लिखना  भी  सीख  गई| फिर नौरोती देवी जी ने अभी  और महिलाओं  को इकट्ठा किया और उन्हें शिक्षा के लिए जागृत किया और साथ ही उन्होंने कम्यूटर चलाने का प्रशिक्षण भी लिया|

नौरोती देवी के इन कार्यों से प्रभावित  होकर 2010 में नौरोती देवी चुनाव जीतकर हरमाड़ा गांव की सरपंच बन गई | पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने गांव में हैंडपंप, कुएं ,तालाब का निर्माण, शोचलाय बनवाएं| वर्तमान में नौरोती देवी 70 वर्ष की है | उनका हौसला  कम नहीं  हुआ| अब वह खुद भी कंप्यूटर सीख  रही है और लोगो  को प्रशिक्षण भी दे रही है |

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