करोड़पति, पढ़ी लिखी महिला गुड़गांव में बेच रही है छोले कुल्चे

उर्वशी यादव गुडगाँव sector 17 की रहने वाली निवासी है| उर्वशी  गुडगाँव के sec 17 में 3 करोड़ के घर में रहती है और दो-दो एसयूवी हैं। इतना कुछ होने के बाद भी आप सोच रहे होंगे की ऐसा क्या हुआ जो उर्वशी को छोले कुल्चे का ठेला लगाना पड़ा|

उर्वशी के जीवन में  यह बुरा दौर तब आया जब उनके पति का एक्सीडेंट हो गया और डॉक्टर्स ने कहा की यह बेड से नहीं उठ पाएंगे| उर्वशी के दोनों बच्चे गुडगाँव के नामी स्कूल में पढ़ते है और उर्वशी खुद भी एक टीचर है और काफी fluently इंग्लिश बोलती है| लेकिन उर्वशी को लगा की उसकी इस नौकरी की कमाई से घर नहीं चलेगा और आर्थिक तंगी से स्कूल भी बदलना पड़ेगा |

यह सब सोचते हुए उसने खुद का काम करने की सोची| उर्वशी को खाना बनाना काफी पसंद है और आज वह अपने इस हुनर को छोले कुल्चे का ठेला लगाकर इस्तेमाल कर रही है| उन्होंने अपनी सैलरी से ठेला खरीदा और काम करना शुरू किया | उर्वशी के इस फैसले में उनके पति और बच्चे तो खुश थे पर उर्वशी के ससुराल में कोई खुश नहीं था उनके इस विचार से सहमत नहीं था |

उर्वशी जब पहले दिन ठेला लेकर निकली थी तो उसे बहुत झेप लग रहा था | वो कहती है मैं AC के बिना एक मिनट भी नही रह पाती थी| अब मुझे धुप में खड़े होकर अपने ग्राहकों के लिए  छोले कुल्चे बनाने पड़ते है|

एक बार छोले कुल्चे खाने के लिए उनके ठेले पर सुनाली आनंद गौर नाम के व्यक्ति आए और उन्होंने उर्वशी की यह दर्दभरी दास्ताँ सुनकर Facebook पर पोस्ट की और फिर  वायरल  हो  गई| इसक बाद उर्वशी के ठेले अपर ग्राहकों की भीड़ लग  गई|

उर्वशी बताती है की अब उसके ससुराल में भी उस पर सब गर्व करते है|लेकिन तनाव के दौर में उन्हें समझ आया कि उनमें क्या काबिलियत है। अंग्रेजी में बातें करने वाली उर्वशी अपना दिन सुबह साढे आठ बजे शुरु करती हैं और शाम साढ़े चार बजे अपने काम से फ्री होती हैं।

उर्वशी बताती हैं कि रोजाना वो 2500 से 3000 रुपए तक कमा लेती हैं। जिस से वह आज बहुत खुश है| आप गुडगाँव की सेक्टर 14 की मार्किट में उर्वशी के ठेले पर जाकर छोले कुल्चे खा सकते है |

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